Sai Bhavani in Hindi | श्री साई भवानी

Sai Bhavani in Hindi -श्री साई भवानी

Sai Bhavani in Hindi
Sai Bhavani in Hindi

Sai Bhavani in Hindi -श्री साई भवानी

जय इश्वर जय साईं दयाल
तू ही जगत का पालनहार
दत्त दिगंबर प्रभु अवतार
तेरे बस में सब संसार || 1 ||

ब्रह्म्च्युत शंकर अवतार
शरणागत का प्राणधार
दर्शन दे दो प्रभु मेरे
मिटा दो चौरासी फेरे || 2 ||

कफनी तेरी इक साया
झोली काँधे लटकाया
नीम तले तू प्रकटगया
फ़कीर बन के तू आया || 3 ||

कलयुग में अवतार लिया
पतित पावन तुने किया
शिर्डी गाँव में वास किया
लोगों के मन लुभा लिया || 4 ||

चिलम थी शोभा हाथों की
बंसी जैसे मोहन की
दया भरी थी आँखों में
अमृतधारा बातों में || 5 ||

धन्य द्वारका वो माई
समा गएजहाँ साईं
जल जाता है पाप वहां
बाबा की है धुनी जहाँ || 6 ||

भूला भटका मैं अनजान
दे मुझको तेरा वरदान
करुनासिंधु प्रभु मेरे
लाखों बैठे दर पे तेरे || 7 ||

अग्निहोत्री शास्त्री को
चमत्कार तुने दिखलाया
जीवनदान शामा पाया
ज़हर सांप का उतराया || 8 ||

प्रलयकाल को रोक लिया
भक्तो को भय मुक्त किया
महामारी बेनाम किया
शिर्डी पूरी को बचा लिया || 9 ||

प्रणाम तुझको मेरे ईश
चरणों में तेरे मेरा शीश
मन की आसपूरी करो
भव सागर से पार करो || 10 ||

भक्त भीमाजी था बीमार
कर बैठा था सौ उपचार
धन्य साईं की पवित्र उदी
मिट गयी उसकी क्षय व्याधि || 11 ||

दिखलाया तुने विट्ठल रूप
काका जी को स्वयं स्वरुप
दामू को संतान दिया
मन उसका संतुष्ट किया || 12 ||

कृपानिधि अब कृपा करो
दीनदयालु दया करो
तन मन धन अर्पण तुझको
दे दो साईं सद्दगति प्रभु मुझको || 13 ||

मेधा तुझको ना जाना था
मुस्लिम तुझको माना था
स्वयं तू बन के शिव शंकर
बना दिया उसको किंकर || 14 ||

रौशनाई की चिरागों से
तेल के बदले पानी से
जिसने देखा आँखों हाल
हाल हुआउसका बेहाल || 15 ||

चाँद भाई था उलझन में
घोड़े के कारण मन में
साईं ने की ऐसी कृपा
घोड़ा फिर से वह पा सका || 16 ||

श्रद्धा सबुरी मन में रखो
साईं साईं नाम रटो
पूरी होगी मन की आस
कर लो साईं का निज ध्यास || 17 ||

जान के खतरा तात्या का
दान दी अपनी आयु का
ऋण बायजा का चुका दिया
तुने साईं कमाल किया || 18 ||

पशु पक्षी पर तेरी लगन
प्यार में तू था उनके मगन
सब पर तेरी रहम नज़र
लेते सब की खुद ही खबर || 19 ||

शरण में तेरे जो आया
तुने उसको अपनाया
दिए हैं तुने ग्यारह वचन
भक्तों के प्रति लेकर आन || 20 ||

कण कण में तू है भगवान
तेरी लीला शक्ति महान
कैसे करूँ तेरे गुणगान
बुद्धिहीन मैं हूँ नादान || 21 ||

दीन दयालु तू दाता
हम सबका तू है त्राता
कृपा करो अब साईं मेरे
चरणों में ले लो तेरे || 22 ||

सुबह शाम साईं का ध्यान
साईं लीला के गुणगान
दृढ़ भक्ति से जो गायेगा
परम पद को वह पायेगा || 23 ||

हर दिन सुबह और शाम को
गाये साईं बावनी को
साईं देगा उसको साथ
लेकर अपने हाथ में हाथ || 24 ||

अनुभव तृप्ति के ये बोल
शब्द बढे हैं ये अनमोल
यकीं जिसने मान लिया
जीवन उसने सफल किया || 25 ||

साईं शक्ति विराट स्वरुप
मनमोहक साईं का रूप
गौर से देखो तुम भाई
बोलो जय सदगुरु साईं || 26 ||

इति श्री साई भवानी ||

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